आ ही गए रघुनंदन, सजवादो द्वार-द्वार

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Diwali Lakshmi Ganesh Puja Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आ ही गए रघुनंदन, सजवादो द्वार-द्वार,

स्वर्ण कलश रखवादो, बंधवादों बंधन वार…

सजी नगरिया है सारी, नाचें गावे नर-नारी,

खुशियाँ मनाओ, गाओ री मंगल चार,

स्वर्ण कलश रखवादो, बंधवादों बंधन वार…

लड़ियों से मढ़ियों से फुलझड़ियों से ,

सजा राम दरबार, शोभा अजब बनी…

कंचन कलश विचित्र सँवारे, सब ही सजे धरे निज निज द्वारे,

खुशियाँ मनाओ, गाओ री मंगल चार,

स्वर्ण कलश रखवादो, बंधवादों बंधन वार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।