आउंगी आउंगी मै अगले, बरस फिर आउंगी

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आउंगी आउंगी मैं अगले,

बरस फिर आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी,

लाल चुनरियाँ लाऊंगी ॥

माता ओ माता,

पहाड़ो वाली माता ॥

तेरी महिमा सुनते है,

तेरी महिमा गाते है,

आँख में आंसू लाते है,

मोती लेकर जाते है ॥

आउंगी आउंगी मैं अगले,

बरस फिर आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी,

लाल चुनरियाँ लाऊंगी ॥

पर्वत पे है डेरा,

ऊँचा मंदिर तेरा,

तेरी शरण में आके,

जागा जीवन मेरा,

जय शेरावाली दी,

जय मेहरवाली दी,

जय मातारानी दी ॥

माता ओ माता,

पहाड़ो वाली माता ॥

मन में है तेरी भक्ति,

हम जाने तेरी शक्ति,

दुःख क्या है दुःख छाया,

भी हमको छू नहीं सकती ॥

जितनी शक्तिशाली,

उतनी ही तू भोली,

बिन मांगे ही तूने,

भर दी मेरी झोली ॥

जय शेरावाली दी,

जय मेहरवाली दी,

जय मातारानी दी ॥

आउंगी आउंगी मै अगले,

बरस फिर आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी,

लाल चुनरियाँ लाऊंगी ॥

तन पूजा की थाली,

सामग्री है मन की,

माँ तेरे चरणों में,

भेंट ये निर्धन की,

जय भवना वाली दी,

जय छतरा वाली दी,

जय माता रानी दी ॥

आउंगी आउंगी मै अगले,

बरस फिर आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी,

लाल चुनरियाँ लाऊंगी ॥

तेरी महिमा सुनते है,

तेरी महिमा गाते है,

आँख में आंसू लाते है,

मोती लेकर जाते है ॥

आउंगी आउंगी मै अगले,

बरस फिर आउंगी,

लाऊंगी लाऊंगी तेरी,

लाल चुनरियाँ लाऊंगी ॥

माता ओ माता,

पहाड़ो वाली माता ॥

दुर्गा चालीसा | आरती: जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी | आरती: अम्बे तू है जगदम्बे काली | महिषासुरमर्दिनि स्तोत्रम् | माता के भजन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।