आते है हर साल नवराते माता के

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आते है हर साल नवराते माता के,

आए नवरात्रे माता के ॥

श्लोक – चैत महीना और अश्विन मे,

आते माँ के नवरात्रे,

मुँह माँगा वर उनको मिलता,

जो दर पर चल कर आते ॥

आए नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवराते माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के,

मै पूजू हर बार नवरात्रे माता के ॥

पहले नवराते चैत री बीज,

माँ की ज्योत जगाओ,

दूजे नवराते मैया को,

प्यार के साथ मनाओ,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

फिर तीजे नवरात मात की,

पूजा करते रहना,

जय माता दी जय माता की,

स्वास स्वास है कहना,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

चौथा नवराता फलदायक,

वेदों ने गुण गाया,

पंचम नवराते में पांडव,

माँ का भवन बनाया,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवराते माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

षष्ठी की नवरात में ध्यानु,

माँ का दर्शन पाया,

लाज भगत की रख ली माँ ने,

अकबर का मान घटाया,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

सप्तमी के दिन सात देवियां,

भक्तो को वर देती,

रिद्धि सिद्धि के खोल भंडारे,

भक्तो के घर भरती,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

अष्टमी का दिन है प्यारा,

कन्या पूजन कर लो,

माँ गौरी का दर्शन करके,

खाली झोली भर लो,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

और नवमी के दिन में भक्तो,

माँ के दर्शन पाओ,

शीश झुका मैया के दर पे,

जय माता दी गाओ,

नवरात्रे माता के,

आए नवरात्रे माता के,

आते है हर साल नवराते माता के,

आए नवरात्रे माता के,

जय हो नवरात्रे माता के ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।