आओ यशोदा के लाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Krishna Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ यशोदा के लाल

आज मोहे दरशन से कर दो निहाल

आओ आओ आओ आओ यशोदा के लाल

नैया हमारी भंवर मे फंसी

कब से अड़ी उबारो हरि

कहते हैं दीनों के तुम हो दयाल

आओ आओ आओ आओ यशोदा के लाल

अब तो सुन लो पुकार मेरे जीवन आधार

भवसागर है अति विशाल

लाखों को तारा है तुमने गोपाल

आओ आओ आओ आओ यशोदा के लाल

यमुना के तट पर गौवें चराकर

छीन लिया मेरा मन मुरली बजाकर

हृदय हमारे बसो नन्दलाल

आओ आओ आओ आओ यशोदा के लाल

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

आओ यशोदा के लाल: भजन | Aao Yashoda Ke Laal

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।