आओ गणनायक राजा, तेरी दरकार है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ गणनायक राजा,

तेरी दरकार है,

देखो ये माँ साँचल का,

सच्चा दरबार है,

देखो ये माँ गौरा का,

प्यारा सा लाल है ॥

सबसे पहले तुम्हे मनाए,

रिद्धि सिद्धि संग आओ,

सभा बिच में आय विराजो,

कीर्तन सफल बनाओ,

सब मिल पहनाए तुझको,

पुष्पन के हार है,

देखो ये माँ गौरा का,

प्यारा सा लाल है ॥

लड्डू मेवा मिश्री का हम,

थाल सजाकर लाए,

रूचि रूचि भोग लगाओ देवा,

ये अमृत बन जाए,

जो इस अमृत को पाए,

उसका उद्धार है,

देखो ये माँ गौरा का,

प्यारा सा लाल है ॥

‘अमरचंद’ की विनय यही है,

जमके रस बरसाना,

तुम नाचो और हमें नचाओ,

ऐसा रंग जमाना,

‘बिन्नू’ ये भक्तजनों के,

दिल का उद्गार है,

देखो ये माँ गौरा का,

प्यारा सा लाल है ॥

आओ गणनायक राजा,

तेरी दरकार है,

देखो ये माँ साँचल का,

सच्चा दरबार है,

देखो ये माँ गौरा का,

॥ दोहा ॥

प्यारा सा लाल है ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: आओ गणनायक राजा, तेरी दरकार है | Bhajan: Aao Gananayak Raja Teri Darkar Hai Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।