आओ आओ कान्हा आया, राखी का त्यौहार

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन Bhajan Shri Vishnu Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ आओ कान्हा आया,

राखी का त्यौहार,

याद करे तेरी बहना तुझको,

जग के पालनहार,

आओ आओ नन्द कुमार,

आओ आओ कान्हां आया,

राखी का त्यौहार ॥

मेरा तो बस एक है भाई,

वो हो तुम मेरे कृष्ण कन्हाई,

जब भी आता रक्षाबंधन,

तुमसे ही उम्म्मीद लगाई,

मेरा तो तुमसे ही कन्हैया,

रोशन है संसार,

आओ आओ मदन गोपाल,

आओ आओ कान्हां आया,

राखी का त्यौहार ॥

देर करो ना जल्दी आओ,

बहना से राखी बँधवाओ,

तुम हो मेरे प्यारे भैया,

आकर बहन को गले लगाओ,

थाल सजा कर पूजा की,

मैं कर रही इंतज़ार,

आओ आओ नन्द कुमार,

आओ आओ कान्हां आया,

राखी का त्यौहार ॥

भाई बहन के प्रेम का बंधन,

पावन होता रक्षा बंधन,

जिसका भाई तुमसा मोहन,

उसका फिर क्या कहना ‘कुंदन’,

तेरा हमेशा मिलता आया,

कान्हा मुझको प्यार,

आओ आओ मदन गोपाल,

आओ आओ कान्हां आया,

राखी का त्यौहार ॥

आओ आओ कान्हा आया,

राखी का त्यौहार,

याद करे तेरी बहना तुझको,

जग के पालनहार,

आओ आओ नन्द कुमार,

आओ आओ कान्हां आया,

॥ दोहा ॥

राखी का त्यौहार ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।