आओ आ जाओ भोलेनाथ

पारंपरिक
श्री राम भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ आ जाओ भोलेनाथ,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

जागु दिन और रात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

हे शिव शंकर हे प्रलयंकर,

हे जग के रखवाले,

तेरे बिना मेरी कौन सुनेगा,

तेरे बिना मेरी कौन सुनेगा,

दर्दे दिल की बात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

मन पंछी बैचेन दरश बिन,

अब तो दरश दिखाओ,

अखियाँ ऐसे बरस रही है,

अखियाँ ऐसे बरस रही है,

सावन की बरसात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

विष पिए खुद अमृत बांटे,

तुम सम कोई ना दानी,

‘रामा’ दया की भिक्षा मांगे,

‘रामा’ दया की भिक्षा मांगे,

रख दो सिर पर हाथ,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

आओ आ जाओ भोलेनाथ,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

तेरे ख़यालों में खोया रहूं मैं,

जागु दिन और रात,

आओ आ जाओं भोलेनाथ,

॥ दोहा ॥

आओ आ जाओ भोलेनाथ ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।