आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना

पारंपरिक
श्री गणेश भजन Bhajan Vighneswaray Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आना हो श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना ॥

मोदक हो लड्डू अपने,

हाथों से मैं बनाऊं,

जो चाहोगे गणेशा,

तुमको मैं वो खिलाऊँ,

सेवा करूँ तुम्हारी,

सेवा करूँ तुम्हारी,

कुछ दिन यहीं बिताना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना ॥

हर साल मेरे देवा,

सबके ही घर में आते,

कुटिया में मेरी आना,

तुम क्यों हो भूल जाते,

वादा किया जो तुमने,

वादा किया जो तुमने,

भक्तो से वो निभाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना ॥

हम भी दीवाने तेरे,

हे गणपति गजानन,

अब के बरस हो देवा,

सूना ना रखना आँगन,

इक फेरा मेरे घर का,

इक फेरा मेरे घर का,

आकर के तुम लगाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना ॥

हर पल मुझे जरुरत,

दुनिया में है तुम्हारी,

रखते हो लाज सबकी,

रखनी है अब हमारी,

ठोकर जगत ने मारी,

ठोकर जगत ने मारी,

चरणों में तुम बिठाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना ॥

आना हो श्री गणेशा,

मेरे भी घर में आना,

हे गौरीसुत गजानन,

हे गौरीसुत गजानन,

मुझको ना भूल जाना,

आना हों श्री गणेशा,

॥ दोहा ॥

मेरे भी घर में आना ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

भजन: आना हो श्री गणेशा, मेरे भी घर में आना | Bhajan: Aana Ho Shri Ganesha Mere Bhi Ghar Mein Aana Ke Lyrics Hindi Aur English Main

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।