आजा कलयुग में लेके, अवतार ओ भोले

पारंपरिक
महादेव भजन Bhajan Shiv Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आजा कलयुग में लेके,

अवतार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले ॥

दुनिया बनाने वाले,

कर दुनिया का ख्याल रे,

तेरे संसार का हुआ है,

बुरा हाल रे,

भाई को भाई रहा मार ओ भोले,

भाई को भाई रहा मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले ॥

हाल कभी पूछ आके,

भोले तू गरीब का,

लिख्या सब ते न्यारा,

भाग क्या ते बदनसीब का,

रोटी देदे भूखा तो मत मार ओ भोले,

रोटी देदे भूखा तो मत मार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले ॥

पापियों के पाप धो धो,

गंगा मैली हो गई,

पापों से लड़ेगी कब तक,

ये पहेली हो गई,

तेरे बिना होगा ना उद्धार ओ भोले,

तेरे बिना होगा ना उद्धार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले ॥

आजा कलयुग में लेके,

अवतार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

पुकार ओ भोले,

अपने भक्तो की सुनले,

॥ दोहा ॥

पुकार ओ भोले ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।