आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है

पारंपरिक
अन्य भजन Bhajan Guru Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है।

गुरुभक्ति का पी लो प्याला, पल में बेड़ा पार है ॥ 1 ॥

गुरुचरणों का ध्यान लगाओ, निर्मल मन हो जायेगा।

तन मन धन गुरु चरण चढ़ाकर, विनती बारंबार है ॥ 2 ॥

प्रभु को भूल गये औ प्यारे ! माया में लिपटाए हो।

पूर्व पुण्य से नर तन पाया, मिले न बारंबार है ॥ 3 ॥

गुरुभक्ति से प्रभु मिलेंगे, बिन गुरु गोता खायेगा।

भवसागर में डूबी नैया, सदगुरु तारणहार हैं ॥ 4 ॥

गुरु हमारे ज्ञान के दाता, भक्तों का कल्याण करो।

॥ दोहा ॥

निर्मोही बलिहार है, अर्जी बारंबार है ॥ 5 ॥

सरल हिंदी भावार्थ एवं आध्यात्मिक महत्व

आज तो गुरुवार है, सदगुरुजी का वार है। गुरुभक्ति का पी लो प्याला, पल में बेड़ा पार है ॥ 1 ॥ Aaj to Guruwar Hai, Sadguruji Ka War Hai । Gurubhakti Ka Pi Lo Pyala, Pal Mein Beda Paar Hai ॥ 1 ॥

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।