आज मोरे अंगना पधारो

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन Bhajan Maa Durga Bhajan
॥ पावन पाठ ॥

आओ माँ भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

अंगना पधारो मोरे,

अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

पहली नवरात्र शैलपुत्री पधारो,

दूजी ब्रह्मचारिणी ने लाओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

तिजी नवरात्र चंद्रघंटा पधारो,

चौथी कुष्मांडा ने लाओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

पंचम नवरात्र स्कंदमाता पधारो,

छठी कात्यायनी ने लाओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

सप्तम नवरात्र कालरात्रि पधारो,

अष्टम महागौरी ने लाओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

नवमी नवरात्र सिद्धिदात्री पधारो,

कारज सफल सुधारो,

आज मोरे अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

आओ माँ भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो,

अंगना पधारो मोरे,

अंगना पधारो,

आओ मां भवानी आओ,

आज मोरे अंगना पधारो ॥

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इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।